ट्रैफिक चालान में सख्ती, सरकारी वाहनों पर कार्रवाई नहीं

Mon 27-Apr-2026,01:53 PM IST +05:30

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ट्रैफिक चालान में सख्ती, सरकारी वाहनों पर कार्रवाई नहीं Traffic-Fine-Surge-No-Action-Govt-Vehicles
  • मार्च 2026 में 1.12 लाख चालान जारी, 3.19 करोड़ रुपये वसूले गए, तीन महीनों में कुल 5.64 करोड़ का जुर्माना दर्ज।

  • सरकारी वाहनों पर एक भी चालान नहीं, ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के बीच नियमों को लेकर मतभेद सामने आए।

  • पिछले साल की तुलना में चालान संख्या और जुर्माने में कई गुना वृद्धि, आम लोगों में दोहरे मापदंड को लेकर असंतोष बढ़ा।

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन जरूरी माना जाता है, लेकिन हाल ही में सामने आए आंकड़ों ने इस व्यवस्था की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर आम नागरिकों पर बड़े पैमाने पर चालान काटे जा रहे हैं और करोड़ों रुपये का जुर्माना वसूला जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकारी वाहनों पर कार्रवाई न होने से दोहरे मापदंड की चर्चा तेज हो गई है।

मार्च महीने में ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक स्तर पर अभियान चलाते हुए 1 लाख 12 हजार 271 वाहन चालकों के खिलाफ चालान जारी किए। इनमें से 23 हजार 577 लोगों ने जुर्माने की राशि जमा भी कर दी। केवल एक महीने में ही 3 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक की वसूली की गई, जो इस साल की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

यदि जनवरी से मार्च 2026 की अवधि पर नजर डालें, तो कुल 5 करोड़ 64 लाख 83 हजार 800 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। यह आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि इस बार ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई पहले के मुकाबले काफी अधिक सख्त रही है।

हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि सरकारी वाहनों के खिलाफ एक भी चालान दर्ज नहीं किया गया। सड़कों पर सरकारी गाड़ियों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रहती है और उनसे भी नियमों के उल्लंघन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

ट्रैफिक विभाग के कुछ अधिकारियों का कहना है कि सरकारी वाहनों को कार्रवाई से छूट दी गई है। वहीं, इस मुद्दे पर Transport Department India और ट्रैफिक पुलिस के बीच मतभेद भी सामने आए हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि Motor Vehicles Act, 1988 के तहत सभी नागरिकों और वाहनों पर नियम समान रूप से लागू होते हैं और किसी को विशेष छूट नहीं दी जा सकती।

पिछले साल की तुलना में इस साल कार्रवाई के आंकड़ों में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। जनवरी से मार्च 2025 के दौरान जहां 30 हजार 443 चालान जारी किए गए थे, वहीं इस साल इसी अवधि में यह संख्या बढ़कर 2 लाख 4 हजार 601 हो गई है।

जुर्माने की राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। पिछले साल तीन महीनों में लगभग 2 करोड़ 96 लाख रुपये वसूले गए थे, जबकि इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 5 करोड़ 64 लाख रुपये से अधिक हो गया है।

लगातार बढ़ती कार्रवाई और भारी जुर्माने के कारण आम लोगों में असंतोष भी बढ़ रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई होती है, तो यह सभी पर समान रूप से क्यों नहीं लागू की जाती।